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RSMSSB Lab Assistant Physics Chemistry Biology ONLINE TEST लैब असिस्टेंट की पिछली परीक्षा में पूछे गये 25 प्रश्न

By | May 30, 2022

RSMSSB Lab Assistant Physics Chemistry Biology Practice Set लैब असिस्टेंट की पिछली परीक्षाओं में पूछे गये Physics Chemistry Biology के महत्वपूर्ण प्रशन | Physics Chemistry Biology Subject Important Questions for RSMSSB Lab Assistant Exam 2022 लैब असिस्टेंट परीक्षा में पूछे जाने वाले Physics Chemistry Biology के महत्वपूर्ण (Important) प्रश्न – यहाँ RSMSSB Lab Assistant की पिछली परीक्षा में पूछे गये 25 महत्वपूर्ण प्रश्न की उत्तर सहित व्याख्या बताई है, यह आपके लिए बहुत उपयोगी होंगे.

लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा का आयोजन 28 और 29 जून 2022 को किया जायेगा. साथ इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले विधार्थियों के RSMSSB ने Rajasthan Lab Assistant Syllabus भी जारी किया है, इस सिलेबस के अनुसार ही परीक्षा में प्रश्न पूछे जायेंगे.

Rajasthan Lab Assistant Syllabus के अनुसार Physics Chemistry Biology विषय का अलग पेपर होगा, जिसमे Physics Chemistry Biology के 100 प्रश्न पूछे जायेंगे. इसलिए यह भाग परीक्षा में बहुत महत्वपूर्ण है. इसलिए “ RSMSSB Lab Assistant Physics Chemistry Biology” के पिछले साल में पूछे गये प्रश्न आपकी काफी सहायता करेंगे, इसलिए आपको इन्हें अवश्य हल करना चाहिए.

RSMSSB Lab Assistant ONLINE TEST Series

Q.1) आदर्श गैस के समीकरण PV = nRT में, निम्न में से कौन सा R का गणितीय मान नहीं हो सकता ?

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  1. 8.314 × 107 erg mol–1 K–1
  2. 8.314 J mol–1 K–1
  3. 8.314 Pa mmol–1 K–1
  4. 8.314 atm mol–1 K–1

Ans. 8.314 × 107 erg mol–1 K–1

Q.2) किन्हीं दो गैसों के मिश्रण का कुल दाब है – 

  1. प्रत्येक गैस के आंशिक दाब का योग 
  2. दोनों गैसों के आंशिक दाब का अन्तर 
  3. दोनों गैसों के आंशिक दाब का गुणनफल 
  4. दोनों गैसों के आंशिक दाब का अनुपात

Ans. प्रत्येक गैस के आंशिक दाब का योग 

Q.3) निम्न में से कौन-सा विलयन बफर के रूप में कार्य करता है?

  1. HCI + NaCl 
  2. NaOH + HCI 
  3. CH3COOH + CH3COONa 
  4. HCOOH + HCOONH4

Ans. CH3COOH + CH3COONa 

Solution | बफर विलयन:- एक जलीय विलयन जो pH में परिवर्तन का प्रतिरोध करता है और अम्लीय और क्षारीय लक्षणों को उदासीन करता है, जब इसमें थोड़ी मात्रा में अम्ल और क्षारक मिलाए जाते हैं। जब CH3COONa + CH3COOH का मिश्रण NaOH की थोड़ी मात्रा के साथ जोड़ा जाता है तो यह एक अम्लीय बफर के रूप में कार्य करता है।

Q.4) यदि किसी विलयन का pH 5.2 है तो इसका pOH होगा –

  1. 4.8
  2. 5.8
  3. 6.8
  4. 8.8

Ans. 8.8

Q.5) एक लीटर बफर विलयन में 0.01 M NH4Cl तथा 0.1M NH4OH है । इसके लिए pKb का मान 5 है तो इसकी pH होगी –

  1. 9
  2. 10
  3. 4
  4. 6

Ans. 10

Q.6) जल में अम्ल की कुछ मात्रा मिलाए जाने पर जल का आयनिक गुणनफल –

  1. pH में वृद्धि के साथ परिवर्तित होता है। 
  2. pH में कमी के साथ परिवर्तित होता है। 
  3. कोई परिवर्तन नहीं। 
  4. शून्य हो जाता है।

Ans. कोई परिवर्तन नहीं। 

Q.7) BF3 की अम्लीयता निम्न में से किस सिद्धान्त के आधार पर समझायी जा सकती है?

  1. ऑरहेनियस अवधारणा पर
  2. लुइस अवधारणा पर
  3. ब्रॉन्स्टेड-लॉरी अवधारणा पर
  4. लुइस तथा ब्रॉन्स्टेड-लॉरी अवधारणा दोनों के आधार पर

Ans. ऑरहेनियस अवधारणा पर

Solution | ऑरहेनियस सिद्धांत 1887 में पेश किया गया था। ऑरहेनियस अवधारणा के अनुसार, जिस पदार्थ के अणु या यौगिक में हाइड्रोजन परमाणु होता है, वह आसानी से हाइड्रोजन आयन या हाइड्रोजन प्रोटॉन दे सकता है, यह एक जलीय विलयन होता है। उदाहरण के लिए, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल अपने जलीय विलयन में क्लोराइड Cl आयन और हाइड्रोनियम आयन H3O+ बनाता है। BF3 एक इलेक्ट्रॉन-न्यून वाला रासायनिक यौगिक है जो इलेक्ट्रॉन युग्म को स्वीकार कर सकता है और इस प्रकार, यह अभिक्रियाशील है।

Q.8)  पूर्णतः वियोजित NH4CI का वाष्प घनत्व होगा – 

  1. NH4CI का दुगुना 
  2. NH4Cl का आधा 
  3. NH4CI के समान 
  4. दिए गए ठोस NH4CI की मात्रा से निर्धारित होगा

Ans. NH4CI का दुगुना

Solution | वाष्प घनत्व:- हाइड्रोजन के सापेक्ष किसी अणु या पदार्थ का घनत्व। किसी पदार्थ का वाष्प घनत्व = गैस के दिए गए अणुओं का द्रव्यमान/हाइड्रोजन के दिए गए अणुओं का द्रव्यमान।

अमोनियम क्लोराइड:- इसे NH4Cl द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।यह क्रिस्टलीय प्रकृति का होता है।अमोनियम क्लोराइड के विलयन हल्के अम्लीय होते हैं।पूर्णतः वियोजित NH4Cl का वाष्प घनत्व NH4Cl से कम होता है।गैस के वियोजन की प्रक्रिया में भार में कमी के कारण वाष्प घनत्व भी कम हो जाता है।

Q.9) मानव शरीर में जैविक क्रिया हेतु कौन-सा पंप महत्वपूर्ण है ? 

  1. Ca-Mg पंप
  2. K-Fe पंप
  3. Na-K पंप
  4. Fe-Ca पंप

Ans. Ca-Mg पंप

Solution | Ca-Mg पंप:-यह सार्कोप्लाज्मिक रेटिकुलम/पेशीद्रव्यी जालिका में पाया जाता है। यह Ca2+Mg2+ ATPase के सक्रिय अपवाहन का मार्ग है। अणु इस प्रवणता द्वारा उत्पादित कैल्शियम आयन मांसपेशियों को आराम देने के लिए महत्वपूर्ण हैं। Ca2+ATPase प्लाज्मा झिल्ली में स्थित होता है। यह कोशिकाओं के प्लाज्मा झिल्ली में प्रोटीन के स्थानांतरण के लिए जिम्मेदार होती है।

Q.10) अंतरहैलोजन यौगिक जो द्विलक संरचना में पाया जाता है, वह है –

  1. ClF3
  2. ICl3
  3. BrF3
  4. IF3

Ans. ClF3

Solution | ClF3 में T-आकार की द्वितयी संरचना होती है। I Cl3 एक त्रिकोणीय द्विपिरामिड ज्यामिति होती है।BrF3 त्रिकोणीय समतल आकृति होती है। IF3 एक त्रिकोणीय द्विध्रुवीय आकृति होती है।

Q.11) P, में P–P आबन्धों द्वारा निर्मित कक्षकों में π–गुण का प्रतिशत है –

  1. 25
  2. 33
  3. 50
  4. 75

Ans. 75

Q.12) निम्न तत्त्वों H, O, F, S और CI के लिए विद्युत ऋणात्मकता का बढ़ता क्रम है –

  1. H < O < F < S < Cl
  2. Cl < H < O < F < S
  3. H < S < O < Cl < F
  4. H < S < Cl < O < F

Ans. H < S < O < Cl < F

Solution | एक रासायनिक यौगिक में परमाणुओं, तत्वों या अणुओं के एक साझा इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर आकर्षित करने की प्रवृत्ति को विद्युत ऋणात्मकता कहा जाता है। किसी तत्व की विद्युत ऋणात्मकता कभी स्थिर नहीं होती, यह उस परमाणु या अणु पर निर्भर करती है जिससे वह जुड़ा होता है। एक आवर्त में बायें से दायें विद्युत् ऋणात्मकता बढ़ती है और एक समूह में ऊपर से नीचे की ओर घटती है। छोटे परमाणु आकार वाले परमाणु अधिक विद्युत ऋणात्मक होते हैं। अभिक्रिया करने की प्रवृत्ति जितनी अधिक होगी, वैद्युतीयऋणात्मकता उतनी ही अधिक होगी। इस प्रकार, विद्युत् ऋणात्मकता में आवर्त प्रवृत्तियों के कारण, विद्युत् ऋणात्मकता का बढ़ता क्रम H < S < O < Cl < F होगा।

Q.13) उच्चतम इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी वाला तत्त्व है –

  1. F
  2. Cl
  3. O
  4. N

Ans. F

Solution | इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी:- जब किसी उदासीन गैसीय परमाणु को ऋणात्मक आयन में बदलने के लिए इलेक्ट्रॉन को जोड़ा जाता है, तो इस प्रक्रिया के साथ होने वाले एन्थैल्पी परिवर्तन को इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी कहते हैं। फ्लोरीन परमाणु के छोटे आकार के कारण इसकी उच्च विद्युत ऋणात्मकता और उच्च इलेक्ट्रॉन घनत्व अत्यधिक अभिक्रियाशील होते हैं। दिए गए अधातुओं की अभिक्रियाशीलता का क्रम निम्न है = F > O > Cl > N इस प्रकार, उच्चतम अभिक्रियात्मक प्रवृत्ति के कारण फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी सबसे अधिक होगी।

Q.14) आधुनिक आवर्त सारणी में, आवर्त किसके मान को इंगित करता है:

  1. परमाणु संख्या
  2. परमाणु भार
  3. मुख्य क्वांटम संख्या
  4. दिगंशी क्वांटम संख्या

Ans. मुख्य क्वांटम संख्या

Solution | यहां, आवर्त आवर्त सारणी में व्यवस्थित रासायनिक तत्वों की प्रमुख क्वांटम संख्या को इंगित करता है। प्रमुख क्वांटम संख्या परमाणु के प्रमुख इलेक्ट्रॉन खोल को निर्दिष्ट करती है।

Q.15) तत्त्वों C, N, P, S के परमाणु आकार का सही क्रम है –

  1. N < C < S < P
  2. N < C < P < S
  3. C < N < S < p
  4. C < N < P < S

Ans. N < C < S < P

Q.16) योगात्मक अभिक्रियाओं के प्रति एथीन और इथाइन की तुलना में बेन्जीन की कम क्रियाशीलता का कारण है :

  1. 3 π बंधों की उपस्थिति 
  2. चक्रीय प्रकृति 
  3. कार्बन अणुओं का sp2 संकरण 
  4. इलेक्ट्रोन का विस्थानीकरण

Ans. 3 π बंधों की उपस्थिति

Q.17) निम्नलिखित में से सबसे कम अणुभार वाले एल्केन को खोजे जिसमें एक चतुष्क कार्बन है ?

  1. 2, 2-डाइमेथिलप्रोपेन 
  2. 2, 3-डाइमेथिलब्यूटेन 
  3. 2-मेथिलब्यूटेन 
  4. प्रोपेन

Ans. 2, 2-डाइमेथिलप्रोपेन 

Solution |चतुष्क कार्बन: चतुष्क कार्बन एक प्रकार का कार्बन है जो चार अन्य कार्बन परमाणुओं से बंधा होता है।

Q.18) एथेन के संतरित संरूपण के विषय में सही कथन चुने –

  1. ये ग्रस्त संरूपण के बराबर स्थायी होते हैं I 
  2. ग्रस्त संरूपण से ज्यादा स्थायी होते हैं । 
  3. ग्रस्त संरूपण से कम स्थायी होते हैं । 
  4. अस्तित्व में नहीं हैं ।

Ans. ग्रस्त संरूपण से ज्यादा स्थायी होते हैं । 

Q.19) निम्नलिखित कथनों में से अणुओं की अनुनाद संरचनाओं के संदर्भ में कौन सा कथन सही नहीं है? 

  1. इनके अणुओं की व्यवस्था समान होती है । 
  2. इन सभी की ऊर्जा लगभग समान होती है । 
  3. इनमें इलेक्ट्रान की संख्या समान होती है । 
  4. इनमें समान आबंधन होते हैं ।

Ans. इनके अणुओं की व्यवस्था समान होती है .

Q.20) हाइपोक्लोरस अम्ल तथा प्रोपाइन की योगात्मक अभिक्रिया से बनने वाला उत्पाद है – 

  1. 2, 2-डाइक्लोरोप्रोपेनल 
  2. 1, 1-डाइक्लोरोप्रोपेनोन 
  3. 1-क्लोरोप्रोपेनोन 
  4. 1-क्लोरोप्रोपेनल

Ans. 1, 1-डाइक्लोरोप्रोपेनोन 

Q.21) 250 ml 0.1 M विलियन बनाने के लिए NaOH के कितने ग्राम की आवश्यक्ता होगी ?

  1. 1 g
  2. 10 g
  3. 4 g
  4. 6 g

Ans. 1 g

Q.22) राउल्ट के नियमानुसार एक विलयन के वाष्पदाब में आपेक्षिक अवनमन बराबर होता है – 

  1. विलेय के मोल के 
  2. विलायक के मोल भिन्न/ग्रामअणु अंश के 
  3. विलायक के मोल के 
  4. विलेय के मोल भिन्न/ग्रामअणु अंश के

Ans. विलेय के मोल भिन्न/ग्रामअणु अंश के

Solution | राउल्ट का नियम: यह बताता है कि किसी भी विलयन के लिए विलयन में वाष्पशील घटक का आंशिक वाष्प दाब उसके ग्रामअणु अंश के सीधे आनुपातिक होता है।

Q.23) 1 मोल NaCl के 1000 g जल युक्त विलयन में NaCl की मोल भिन्न/ग्रामअणु अंश है – 

  1. 0.0177 
  2. 0.001 
  3. 0.5 
  4. 0.244

Ans. 0.0177 

Q.24) निम्न में से कौन सी स्थिति आदर्श विलयन के लिये सही नहीं है ? 

  1. मिश्रित करने पर आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता। 
  2. मिश्रित करने पर एन्थेल्पी में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  3. यह राउल्ट के नियम का पालन करते हैं।
  4. विलेय का आयनीकरण कम होना चाहिए ।

Ans. मिश्रित करने पर आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता।

Q.25) सोडियम क्लोराइड क्रिस्टल में सोडियम आयन की समन्वय संख्या है –

  1. 3
  2. 4
  3. 6
  4. 8

Ans. 6

Solution | सोडियम क्लोराइड क्रिस्टल का रासायनिक सूत्र NaCl है, जिसमें भाग लेने वाले आयन Na+ और Cl हैं उनके पास 1:1 स्टीरियोकेमिस्ट्री/त्रिविम रसायन होता है और इस प्रकार समन्वय संख्या होती है। यह घनाकार संकुचित पैकिंग के साथ एक FCC जालक बनाता है।

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